The High commissioner
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Her Excellency Smt. Padmaja

High Commissioner of India to the Republic of Fiji

Smt. Padmaja a Post Graduate in History from the University of Allahabad joined the Ministry of External Affairs in 1986. Her first posting abroad was in Bangladesh where she handled mainly Consular and Visa matters. Thereafter, she was at Headquarters dealing with the matters related to Afghanistan, Iran, Historical Research, Visa Policy, Passport and Consular issues, NRIs & PIOs. Before proceeding to London in 2010, she worked in Indian Council of World Affairs. In London, she dealt with Media & Information and Public Diplomacy. Back in HQrs, she handled the work related to Global Estate Management and Consular matters. Her field of expertise is Consular, Passport and Visa matters.

She speaks Hindi & English and belongs to the year 2000 Batch of the Indian Foreign Service. Having keen interest in Indian Culture, Hindi, Sanskrit and other Indian languages & literature etc, she has translated a few works of Astrology and Literature from English to Hindi. Her keen desire to be with nature has taken her to many places including Kailash Mansarovar, the most hazardous pilgrimage in the world.

Smt. Padmaja is currently serving as High Commissioner to High Commission of India, Suva (Fiji) since 17th April, 2019.


श्रीमती पद्मजाफीजी में भारत की उच्चायुक्त - संक्षिप्त परिचय

इलाहबाद विश्वविद्यालय से  इतिहास विषय में एम.ए करने के पश्चात श्रीमती पद्मजा ने 1986 में भारत के विदेश मंत्रालय में अपने  कैरियर की शुरूआत की। आपकी पहली पोस्टिंग बंगलादेश में थी जहाँ आप काऊंसलर और वीसा मामलों की अधिकारी थीं। उसके पश्चात वे विदेश मंत्रालय,दिल्ली में  अफगानिस्तानईरान, ऐतिहासिक अनुसंधानवीज़ा नीतिपासपोर्ट और काऊंसलर संबंधी मामलेप्रवासी भारतीय

एन.आर.आई) और पी.आई.ओ संबंधी मामलों की अधिकारी रहीं। वर्ष 2010 में भारतीय हाई कमीशनलंदन में पोस्टिंग पर जाने से पहले उन्होंने इंडियन काऊंसिल ऑफ वर्ल्ड एफेयर्स(ICWA) में भी काम किया। भारतीय उच्चायोगलंदन में उन्होंने मीडियासूचना और पब्लिक डिप्लोमेसी विषयों का कार्यभार संभाला। वापस मुख्यालय लौटने पर उन्होंने ग्लोबल एस्टेट मैनेजमैंट और काऊंसलर मामलों संबंधी विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर दायित्व  निर्वाह किया।

वे हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर अधिकार रखती हैं और वर्ष 2000 के भारतीय विदेश सेवा के बैच की अधिकारी हैं। भारतीय संस्कृतिहिंदी, संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं और साहित्य में गहरी रूचि होने के कारण उन्होंने ज्योतिष और साहित्य की कुछ पुस्तकों का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद भी किया है। प्रकृति से गहरे प्रेम के कारण उन्होंनें बहुत स्थानों की यात्रा भी की है जिसमें विश्व की सबसे कठिन और खतरनाक कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी शामिल है।

श्रीमती पद्मजा फीजी में भारत के उच्चायुक्त का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) दिल्लीमें उप महानिदेशक के रूप में कार्यरत थी।

 




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